राष्ट्रपति रूहानी ने शुक्रवार को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शैख़ हसीना वाजिद से बाकू में गुट निरपेक्ष आंदोलन के 18वें शिखर सम्मेलन के अवसर पर होने वाली मुलाक़ात में कहा कि यदि मुस्लिम देश एकजुट हो जाएं तो कोई भी देश यहां तक कि अमरीका भी उनके लिए समस्या नहीं खड़ी कर सकता।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी प्रकार क्षेत्रीय समस्याओं की जड़, विदेशी हस्तक्षेप और उनकी भूमिकाओं को क़रार दिया और यमन युद्ध तथा इस देश की जनता के जनसंहार तथा क्षेत्रीय देशों पर पड़ने वाले इसके प्रभावों की ओर संकेत करते हुए कहा कि ईरान ने अपने तमाम प्रयास किए ताकि क्षेत्र में मतभेद का कारण बनने वाली समस्याओं को वार्ता द्वारा हल किया जा सके।
इस मुलाक़ात में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शैख़ हसीना वाजिद ने इस मुलाक़ात में दोनों देशों की जनता के गहरे संबंधों और समानताओं की ओर संकेत करते हुए बल दिया कि बांग्लादेश समस्त देशों विशेषकर इस्लामी और मित्र देश ईरान के साथ संबंधों के विस्तार का इच्छुक है।
शैख़ हसीना वाजिद ने इसी प्रकार म्यांमार के निकाले गये मुसलमानों की ताज़ा स्थिति पर रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि बांग्लादेश, म्यांमार सरकार से रोहिंग्या मुसलमानों की वापसी के लिए वार्ता कर रहा है।
राष्ट्रपति रूहानी ने इसी प्रकार क्यूबा, अलजीरिया, मलेशिया और गुट निरपेक्ष आंदोलन के अन्य समस्त देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी अलग अलग मुलाक़ातें कीं।